Published on February 26, 2022 2:49 pm by MaiBihar Media

बिहारशरीफ में एक नाबालिग के परिजनों को न्याय मिला है। जिला व्यवहार न्यायालय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सप्तम सह पास्को स्पेशल न्यायाधीश संतोष कुमार गुप्ता ने एक 16 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के दोषी गौरव कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (3) के तहत आजीवन कारावास के साथ 50 हजार रुपए अर्थदंड भुगतान करने की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर 6 महीना अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी। सुनाई गई इस सजा में आरोपी जब तक जीवित रहेगा तब तक उसे जेल में ही रहना होगा।
पीड़िता को चार लाख रुपए मुआवजा देने का आदेश
इसके साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 323 के तहत 1 वर्ष कारावास तथा एक हजार रुपए का अर्थदंड, धारा 506 के तहत 2 वर्ष कारावास तथा 5 हजार रुपए का अर्थदंड एवं धारा 341 के तहत 1 माह कारावास की सजा भी भुगतनी होगी। जज श्री गुप्ता ने पीड़िता को पीड़ित प्रतिकार अधिनियम के तहत 4 लाख रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। आरोपी बेन थाना क्षेत्र के तोडल बिगहा गांव का निवासी है।
जानिए क्या है पूरा मामला
पीड़िता की मां के फर्द बयान पर बेन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पीड़िता ने प्राथमिकी में बताया है कि 17 मार्च 2019 को 2 बजे दोपहर में खेत से चना का बोझा लेकर आ रही थी। आरोपी बगल की एक झाड़ी में पहले से छिपा हुआ था। अचानक वह झाड़ी से निकला और पीड़िता का मुंह दबाकर खींचते हुए खेत में ले जाकर रेप किया।
दाेषी ने पीड़िता के साथ की मारपीट
दाेषी ने पीड़ित के साथ मारपीट करते हुए किसी को नही बताने की धमकी भी दी। बता दें कि इस मामले में न्यायाधीश शेफाली नारायण ने 23 मार्च 19 को ही पीड़िता का 164 के तहत बयान दर्ज किया था। मामले में बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाह पेश किए गए थे। अभियोजन की ओर से स्पेशल पीपी सुशील कुमार ने बहस करते हुए जज से अधिकतम कठोर सजा का अनुरोध किया तथा 11 गवाहों से गवाही भी कराई। वहीं पीड़िता के परिजनों ने कहा कि न्यायालय पर हमें पूरा भरोसा था। हमें

close

Hello 👋
Sign up here to receive regular updates from MaiBihar.Com

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.