Published on August 31, 2026 4:36 pm by MaiBihar Media
लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार सरकार के मंत्री संजय सिंह पर लगे आरोपों पर कहा कि जिस तरह के आरोप मंत्री पर लगाए गए हैं, वे बेहद गंभीर मसला हैं. सरकार को चाहिए कि पूरे मामले की तह तक जाकर हकीकत सामने लाए. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी ने अपने स्तर से मंत्री से जवाब तलब किया है. यानी मामला अब महज आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहने वाला, बल्कि जवाबदेही की कसौटी पर भी परखा जाएगा
उन्होंने साफ लहजे में कहा कि आरोप गंभीर हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। चिराग के इस बयान के बाद बिहार की सियासत में हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री ने होटल प्रबंधन से भी पूरे मामले की जानकारी सामने लाने की अपील की। साथ ही उन्होंने कथित तौर पर पीड़ित युवती से भी आग्रह किया कि वह पूरे मामले को सामने लाए, ताकि सच और झूठ का फैसला जांच के जरिए हो सके।चिराग पासवान ने दो टूक कहा कि यदि जांच में मंत्री संजय सिंह या इस मामले से जुड़ा कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसे पद से मुक्त किया जाएगा।
इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और सजा दिलाने के लिए उनकी पार्टी पूरी मजबूती से आगे रहेगी। उनके बयान का साफ संदेश है कि परिवार हो या पार्टी, किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं मिलेगा, अगर वह कानून की नजर में दोषी पाया जाता है।
क्या है मामला ?
बता दें कि हाल में तेज प्रताप ने सोशल मीडिया में दावा किया था कि संजय सिंह पर दिल्ली के एक होटल में एक युवती के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और उसके शोषण का प्रयास किए जाने का गंभीर आरोप है.
उन्होंने दावा किया कि होटल कर्मियों के हस्तक्षेप से स्थिति को संभाला गया. इसके बाद मामले को लगभग 25 लाख रुपये के कथित लेन-देन के माध्यम से रफा-दफा किए जाने का भी आरोप लगाया जा रहा है. उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की थी. वहीं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के मंत्री संजय ने कानूनी नोटिस भेजकर तेजप्रताप को सात दिनों के भीतर क्षमायाचना और अपनी बातों के सार्वजनिक खंडन के लिए कहा है, अन्यथा उनके विरुद्ध 50 करोड़ की मानहानि का मामला दायर होगा.अधिवक्ता सुशील कुमार के जरिये संजय ने यह नोटिस भेजा है। तेजप्रताप के वॉट्सऐप पर भी नोटिस भेज दिया गया है।
