Published on November 29, 2021 10:34 pm by MaiBihar Media

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने दुनियाभर को चिंता में डाल दिया है। कोरोना का नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के मिलने के साथ ही कोरोना केस में भी इजाफा हुआ है। केंद्र ओमिक्रॉन के खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार ने अंंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए सोमवार को नई गाइडलाइन जारी की है। वहीं, संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन और कई अन्य देशों ने दुनिया के उस हिस्से के लिए अपनी उड़ानें रोक दी हैं। इसके लक्ष्ण को लेकर भी विशेषज्ञों ने चिंता जाहिर की है।

भारत सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन –सबसे पहले बता दें कि नई गाइडलाइन के मुताबिक ‘एट रिस्क’ देशों से आने वाले सभी यात्रियों को आने के साथ ही कोविड-19 टेस्ट से गुजरना होगा। टेस्टिंग की शर्त तब भी लागू होगी, जबकि आने वाले यात्री पूरी तरह वैक्सीनेटेड हों। बता दें कि एट रिस्क का अर्थ यहां उन लोगों से है जो खतरे की श्रेणी में रखे गए देशों से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट पर टेस्ट कराना होगा।

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भारत में कोरोना के केस बढ़े लेकिन ओमीक्रोन से है सुरक्षित 

गौरतलब हो कि राहत की बात यह है कि अभी तक भारत में ओमिक्रॉन से संक्रमित कोई मरीज सामने नहीं आया है। हालांकि कोरोना केस में बढ़ोतरी जरूर हो गई है। आज यानी सोमवार के दिन महाराष्ट्र के भिवंडी के एक वृद्धाश्रम में 62 कोरोना संक्रमित मिले हैं। इनमें 60 लोगों को कोरोना का दोनों टीका लगाया गया था। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के वृंदावन में भी तीन विदेशी कोरोना पॉजिटीव मिलने से हड़कंप मच गया है। तीनों को क्वारंटाइन कर दिया गया है। हालांकि तीनों नागरिक किस देश के हैं, अभी तक इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।  

क्या है लक्ष्ण 

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रीय संचारी रोग संस्थान (एनआईसीडी) की ओर से बताया गया है कि कोरोना के नए वेरिएंट डेल्टा वेरिएंट से भी खतरनाक है। मांसपेशियों में दर्द और एक दो दिन के लिए थकान महसूस होती है। हालांकि ओमिक्रॉन वेरिएंट का अभी तक कोई नया लक्ष्ण नहीं मिला है। गले में द्रद, सिरदर्द, सांस लेने में समस्या, सीने में दर्द भी इस वेरिएंट से संक्रमित में मिल रही है। एआईसीडी के मुताबिक यह भी कहा गया है कि डेल्टा की तरह ओमिक्रॉन से संक्रमित हुए कुछ लोग भी एसिम्टोमेचिक थे, ऐसे में एनआईसीडी ने माना है कि ओमिक्रॉन से संक्रमित व्यक्ति में कोई अलग तरह के लक्ष्ण दिखाई नहीं दिए थे। ओमिक्रॉन से इंपेक्टेड कई लोग असिंप्टोमेटिक यानी बिना लक्ष्ण वाले भी है। 

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वहीं, अमेरिका के चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. एंथोनी फॉसी ने बताया है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट कितना संक्रामक है, कितना गंभीर है और इसकी क्या अन्य विशेषताएं हैं, यह जानने के लिए दो हफ्ते का समय लगेगा। डॉ. फॉसी ओमिक्रॉन पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन को अपडेट करने के दौरान यह जानकारी दी।

दुनिया में इन देशों में व्यापक पांव फैला चुका है ओमीक्रोन

बताते चले कि 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में पहली बार मिले कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन का मरीज मिला था। इसके मामले अब तक करीब दुनिया के एक दर्जन से ज्यादा देशों में फैल गए हैं। ओमिक्रॉन का व्यापक रूप से यूरोप में फैलाव देखा गया है। जानकारी के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में कोविड-19 के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन के सर्वाधिक 99 मामले हैं। हांग कांग में 25, नीदरलैंड  में 13, बोत्सवाना में छह और ब्रिटेन में तीन मामलों की जानकारी अब तक सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क और बेल्जियम में दो-दो मामले जबकि इजरायल, चेक गणराज्य, इटली और जर्मनी में एक-एक मामला है। भारत में फिलहाल ओमिक्रॉन वेरिएंट का एक भी मामला नहीं है।

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