Google- pic credits

देश भर में उत्पन्न कोयला संकट से बिजली की कमी को पूर्ति के लिए सरकार समाधान में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि अब भारत सरकार ने नेपाल के प्रस्ताव पर विचार करते हुए बिजली खरीदने का मन बनाया है। दरअसल, नेपाल द्वारा पिछले छह महीने से प्रस्तावित बिजली की खरीदारी की बातचीत अधर में थी, इसे भारत की तरफ से हरी झंडी दे दी गई है।

रिमांइडर के बाद भारते की ओर से दिखा सकारात्मक रूख

इस बाबत खबर है कि नेपाल विद्युत प्राधिकरण द्वारा किए गए प्रस्ताव को बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कॉरपोरेशन के द्वारा मान लिया गया है। छह माह से लंबित प्रस्ताव को मानने के लिए नेपाल विद्युत प्राधिकरण ने सितंबर के दूसरे सप्ताह में रिमाइंडर भेजा था। इसमें पूर्व में प्रस्तावित योजना के अनुरूप नेपाल से बारिश के मौसम में बिजली लेने व जाड़े के समय में बिजली देने का प्रस्ताव किया गया था। हालांकि अब भारत सरकार की रूख सकारात्मक दिखी है।

यह भी पढ़ें   पीएम की सुरक्षा चुक मामले में सुप्रीम काेर्ट ने रिकाॅर्ड सुरक्षित रखने काे कहा

तीन महीने में नेपाल से 70 करोड़ यूनिट मिलेगी बिजली

इस प्रस्ताव के अनुरूप प्रारम्भिक चरण में बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कॉरपोरेशन के द्वारा बरसात के मौसम में संध्या सात बजे से सुबह छह बजे तक बिजली लेने तथा जाड़े के मौसम में सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक बिजली देने को लेकर किए गए प्रस्ताव को मंजूरी देने की बात है। यह जानकारी नेपाल सरकार के ऊर्जा, जलस्रोत तथा सिंचाई मंत्रालय के सचिव देवेन्द्र कार्की ने दी। अगर प्रस्ताव की सहमति की प्रक्रिया आगे बढ़ती है तो इस वर्ष के तीन महीने में नेपाल से 70 करोड़ यूनिट बिजली लिया जा सकता है। अगले वर्ष बिहार तीन अरब 79 करोड़ युनिट बिजली नेपाल से ले सकता है।

यह भी पढ़ें   सोनाली फोगाट का लैपटॉप गायब, परिजनों ने लगाया पीए पर हत्या करने का आरोप

नेपाल और पटना के विद्युत प्राधिकरण के बीच हुई है बातचीत

सचिव कार्की के अनुसार, बरसात के समय मे उपयोग से ज्यादा बिजली बिहार को देने तथा ठंड के समय मे जरूरत के हिसाब से बिजली लेने का प्रस्ताव दिया था, जिसमें भारत की ओर से सकारात्मक संदेश आने की बात कही है। पिछले दिनों नेपाल विद्युत प्राधिकरण के कार्यकारी निर्देशक कुलमान घिसिंग के नेतृत्व में एक टीम पटना में बिहार स्टेट पावर होल्डिंग के अध्यक्ष तथा प्रबन्ध निदेशक संजीव हंस से पटना में मुलाकात कर इस प्रस्ताव पर चर्चा की थी। कोयले संकट से बिजली की कमी के बाद उम्मीद जताया जा रहा है कि नेपाल से जल्द ही बिजली सप्लाई कार्य शुरू हो सकता है।

यह भी पढ़ें   खुशखबरी : अब नेपाल से मैट्रिक पास करने वाले भी शिक्षक बहाली के लिए पात्र
close

Hello 👋
Sign up here to receive regular updates from MaiBihar.Com

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.