Published on September 25, 2021 9:02 pm by MaiBihar Media

जातीय जनगणना कराने पर केंद्र के इनकार के बाद बिहार की राजनीति तेज हो गईहै। तेजस्वी ने सामाजिक-आर्थिक और जातीय जनगणना की मांग को लेकर देश की विभिन्न पार्टियों के 33 वरिष्ठ नेताओं को पत्र लिखा है। वहीं, एनडीए की सहयोगी दल हम ने भाजपा के नीति से अलग राग अलापा है और तेजस्वी यादव पर तंज भी कसा है। मीडिया से मुखातिब होते हुए मांझी ने कहा है कि देश की जनता को उनका हक दिलाने के लिए जाति जनगणना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा की जिसकी जितनी आबादी,उतनी उसकी भागीदारी जरुरी है। जीतनराम मांझी ने कहा की हमें अभी भी उम्मीद है की प्रधानमंत्री से इस पर सोचेंगे।

जातीय जनगणना नहीं कराने का तर्कसंगत कारण सरकार के पास नहीं

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गौरतलब हो कि तेजस्वी अपने पत्र में केंद्र सरकार के उदासीन एवं नकारात्मक रवैये तथा सबकी साझा आशंकाओं और जिम्मेदारियों को उल्लेखित किया है। कहा कि वंचित वर्गों के विशाल बहुमत के लिए गंभीर चिंता की बात यह है कि 23 सितंबर को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा प्रस्तुत किया कि 2021 में जाति जनगणना “व्यावहारिक नहीं होगी”। यानी केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह जातिगत जनगणना कराने के पक्ष में नहीं है। जबकि जाति आधारित जनगणना की मांग को राष्ट्र निर्माण में एक आवश्यक कदम के रूप में देखा जाना चाहिए। जातीय जनगणना नहीं कराने के खिलाफ सत्ताधारी दल के पास एक भी तर्कसंगत कारण नहीं है। भारत की जनगणना को विशेषज्ञों की मदद से 2011 में पहली सामाजिक आर्थिक और जाति जनगणना (एसईसीसी) आयोजित करने के तरीके में खामियों और अंतराल पर विचार करना चाहिए। पत्र में उन्होंने कहा कि हमें हाथ मिलाने और आगे बढ़ना है। इस संबंध में बिना किसी और देरी के तुरंत अपनी कार्य योजना तैयार करने की जरुरत है।

इन नेताओं को तेजस्वी ने लिखा पत्र

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तेजस्वी ने ना सिर्फ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बल्कि कई ऐसे नेताओं को पत्र लिखा है, जो जातिय जनगणना की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरीय नेता शरद पवार, सीताराम येचुरी, डी राजा, फारूक अब्दुल्ला, प्रकाश सिंह बादल, अखिलेश यादव, मायावती, सीएम एमके स्टालिन, सीएम ममता बनर्जी, सीएम नवीन पटनायक, सीएम उद्धव ठाकरे, सीएम के चंद्रशेखर राव, सीएम वाईएस जगनमोहन रेड्डी, सीएम हेमंत सोरेन, सीएम पिनरायी विजयन, सीएम अरविंद केजरीवाल, सीएम अशोक गहलोत, सीएम भूपेश बघेल, सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, दीपांकर भट्टाचार्य, महबूबा मुफ्ती, ओम प्रकाश चौटाला, जीतन राम मांझी, मौलाना बदरुद्दीन आज़मी, जयंत चौधरी, ओ पनीर सेल्वम, ओमप्रकाश राजवीर, चिराग पासवान, अख्तरुल इमान, मुकेश सहनी और चंद्रशेखर आजाद कुल 33 नेताओं को पत्र लिख सभी से सहयोग की अपील की है।

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