बंगाल में हार के बाद बीजेपी (BJP) चुनावों को लेकर सतर्क हो गई है। लिहाजा, उत्तर प्रदेश और पंजाब सहित अगले साल पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने संगठन को मजबूती देने के लिए दिग्गज नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों की फौज उतार दी है। खबर है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को उत्तर प्रदेश, जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को पंजाब, वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को मणिपुर, संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी को उत्तराखंड तथा महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को गोवा का प्रभारी बनाया गया है। इस बार भाजपा ने अपनी रणनीति बदलते हुए 7 कैबिनेट और कुल 13 मंत्रियों को मैदान में उतारा है।
इस बाबत भाजपा महासचिव अरुण सिंह (Arun Singh) ने बुधवार को नई नियुक्तियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यूपी में प्रधान के साथ केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, अर्जुन राम मेघवाल, शोभा करंदलाजे, अन्नपूर्णा देवी, पार्टी महासचिव सरोज पांडे, हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और राज्यसभा सदस्य विवेक ठाकुर सह प्रभारी बनाए गए हैं। पार्टी ने चुनावी रूप से सबसे अहम यूपी में क्षेत्रवार छह संगठन प्रभारी भी नियुक्त किए हैं। लोकसभा सदस्य संजय भाटिया को पश्चिमी यूपी, बिहार के विधायक संजीव चौरसिया को बृज, राष्ट्रीय सचिव सत्या कुमार को अवध, राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष सुधीर गुप्ता को कानपुर, राष्ट्रीय सचिव अरविंद मेनन को गोरखपुर और यूपी के सह प्रभारी सुनील ओझा को काशी क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पंजाब: शेखावत के साथ दो केंद्रीय मंत्री सहप्रभारी
पंजाब की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत (Gajendra Singh Shekhawat) को दी गई है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और लोकसभा सदस्य विनोद चावड़ा को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। भाजपा को कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के विरोध का सबसे ज्यादा सामना पंजाब में ही करना पड़ रहा है। भाजपा लंबे अरसे बाद पंजाब विधानसभा चुनाव में अकेले उतरेगी। इससे पहले उसका शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन होता था। कृषि कानूनों के विरोध में अकाली दल नेता हरसिमरत कौर बादल ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया था।
जोशी के साथ उत्तराखंड में दो सहप्रभारी
उत्तराखंड के प्रभारी केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी (Prahlad Joshi) के साथ प. बंगाल की सांसद लॉकेट चटर्जी (Locket Chatterjee) और राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह को उत्तराखंड का सहप्रभारी बनाया गया है। यहां भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से होता रहा है। इस बार आम आदमी पार्टी भी मैदान में है।
बिहार में जिता चुके भूपेंद्र को मणिपुर का जिम्मा
पूर्वोत्तर के चुनावी राज्य मणिपुर में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav) को प्रभार सौंपा गया है। यादव बिहार विधानसभा के चुनाव प्रभारी भी थे। उनके साथ केंद्रीय मंत्री प्रतिमा भौमिक और असम सरकार के मंत्री अशोक सिंघल को सह प्रभारी बनाया गया है।
गोवा: फडणवीस के साथ दो केंद्रीय मंत्री
फडणवीस को गोवा का प्रभारी बनाया गया है। उनकी मदद करने के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोश को सह प्रभारी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि 2022 की शुरुआत में यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं।
आपको बता दें कि उक्त जानकारी एक निजी मीडिया ने दी है। बहरहाल, विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त करती आई है। सामान्य तौर पर प्रभार पार्टी के वरिष्ठ नेता को दिया जाता है। हालांकि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने सात कैबिनेट मंत्रियों सहित कुल 13 मंत्री मैदान में उतारे हैं। पार्टी की रणनीति तय करने से टिकट बंटवारे और प्रचार-प्रसार में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा चुनाव में कितना दम खम के साथ उतरती है और चुनावी राज्यों में कितना कामयाबी हासिल करती है।
