Published on August 6, 2021 4:06 pm by MaiBihar Media

शुक्रवार को झारखंड के धनबाद में एक अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश उत्तर आनंद की मौत से संबंधित स्वत: संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को नोटिस जारी किया। पिछले महीने एक ऑटो रिक्शा के टक्कर मरने से उनकी मृत्यु हो गयी।

“आई बी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) और सी बी आई बिलकुल जवाब नहीं देते, जब न्यायधीश उनसे शिकायत करते हैं । ऐसा कर वो न्यायपालिका की मदद नहीं करते है। जब हाई-प्रोफाइल लोगों के पक्ष में अनुकूल आदेश पारित नहीं किए जाते हैं, तो न्यायपालिका को बदनाम करने का एक नया चलन है। ” सुनवाई के दौरान अदालत ने ऐसा कहा। मामले की अगली सुनवाई 9 अगस्त को होनी है, इस दौरान अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल को शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) की मदद करने को कहा गया है।

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सुप्रीम कोर्ट ने आये दिन न्यायधीशों को धमकाए जाने की घटनाओं को गंभीरता से लेने को कहा और राज्यों द्वारा न्यायिक अधिकारीयों की सुरक्षा की स्थिति के बारे में रिपोर्ट सौंपने को कहा। पीठ ने अटॉर्नी जनरल वेणुगोपाल से कहा कि ऐसे कई मामले हैं जिनमें गैंगस्टर और हाई-प्रोफाइल व्यक्ति शामिल हैं और न्यायाधीशों को धमकी या अपमानजनक संदेश मिलने के उदाहरण है।

इससे पहले झारखंड पुलिस ने एसआईटी का गठन कर ऑटोरिक्शा में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया थ। बाद में वाहन के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अपराध के मकसद का अभी पता नहीं चला है।

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