डीएमसीएच (DMCH) में पिछले पांच दिनों में 111 बच्चे शिशु वार्ड के आईसीयू (ICU), नीकू वार्ड, पीकू वार्ड व जनरल वार्ड में भर्ती हैं। सभी वार्ड फुल हो चुके हैं। इस बीच बुधवार को वायरल बुखार एवं सर्दी-खांसी से पीड़ित 165 बच्चों का इलाज किया गया। इसमें 14 गंभीर बच्चों को भर्ती करना पड़ा। बाकी बच्चों को इलाज कर वापस घर भेज दिया गया।
इस बाबत डॉ. सूरज, शिशु रोग विशेषज्ञ बताते है कि मौसम में बदलाव होने के साथ सर्दी, खांसी एवं अन्य बीमारी को लेकर बच्चे अधिक अस्पताल में आ रहे हैं। ऐसे में बच्चे को हल्का गुनगुना गर्म पानी पिलाना चाहिए। जो मां अपने बच्चे को दूध पिलाती हैं, उन्हें गर्म खाना खाना चाहिए। मां को भी सावधानी बरतनी चाहिए।
बताया जाता है कि इन दिनों शिशु ओपीडी में रोज 150 से 250 बच्चे और शिशु इमरजेंसी में रोज 50 से 90 बच्चे पहुंच रहे हैं। ओपीडी में बुधवार काे 110 बच्चे इलाज के लिए आए। अधिकतर सर्दी, खांसी, वायरल बुखार और सांस लेने में तकलीफ से पीड़ित थे। वहीं, इमरजेंसी में 55 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इसमें कई निमोनिया से पीड़ित थी। अस्पताल के डिस्पेंसरी में बच्चाें के लिए मल्टीविटामिन व एंटीबायोटिक इंजेक्शन खत्म है। मरीजों के परिजन को इसके लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ओपीडी (OPD) में शून्य से 3 साल तक के बीमार बच्चाें के लिए सर्दी की दवा नहीं है। मल्टीविटामिन और खांसी की दवा की किल्लत है। कभी मिलती है तो कभी नहीं मिलती है। 3 साल के ऊपर के बच्चों के लिए लिवोसिट्राजिन सिरप है। छोटे बच्चों के लिए खांसी और सर्दी की दवा नहीं है। नीकू और पीकू में एंटीबायोटिक इंजेक्शन नहीं रहने से परिजनों काे बाजार से खरीदकर लानी पड़ रही है। गैस का इंजेक्शन भी खत्म है।
