Published on August 29, 2026 2:41 pm by MaiBihar Media
गंगा के तेज बहाव के कारणबिहार प्रशासन अलर्ट मोड़ में है. बताते चले कि पिछले चार-पांच दिनों से विभाग की ओर से लगातार फ्लड फाइटिंग कार्य कराया जा रहा है। करीब डेढ़ दर्जन से अधिक संवेदकों को मौके पर लगाया गया है। बिहार में गंगा का विकराल रूप नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर-खैरपुर में देखने को मिल रहा है. इन क्षेत्रों के बीच जमींदारी बांध पर कटाव का खतरा लगातार बना हुआ है। करीब 220 मीटर लंबे तटबंध के बड़े हिस्से पर नदी का दबाव है।
संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा
विभागीय टीम के प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक मदरौनी में गंगा का जलस्तर 31.18 मीटर पर स्थिर है, जबकि खतरे का निशान भी 31.18 मीटर है। इस्माईलपुर-बिंदटोली में जलस्तर 32.21 मीटर है और खतरे का निशान 31.60 मीटर है। राघोपुर में जलस्तर 33.16 मीटर है, जबकि खतरे का निशान 33.68 मीटर है। विभाग के अनुसार शनिवार से जलस्तर में कमी आने का अनुमान है। अधिकारियों ने सभी संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है।
नवगछिया अनुमंडल के राघोपुर-खैरपुर क्षेत्रो में करीब 150 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद बचे हिस्से को बचाने के लिए जल संसाधन विभाग पूरी ताकत झोंक रहा है। विभागीय टीम के सामने करीब 90 मीटर तटबंध को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती है।हालांकि, गंगा की तेज धारा के कारण कई जगह सुरक्षा हेतु कार्य कराया गया कार्य नदी में समाहित हो जा रहा है।
इस सम्बन्ध में अभियंता प्रमुख वरुण कुमार, मुख्य अभियंता जयप्रकाश पासवान, अधीक्षण अभियंता सुबोध कुमार समेत अन्य अधिकारी दंडाधिकारी के साथ मौके पर कैंप कर रहे हैं। अभियंता प्रमुख ने बताया कि नदी की धारा तटबंध के किनारे से बहने के कारण लगातार दबाव बना हुआ है। तटबंध के साथ थाना बिहपुर-महादेवपुर जाने वाली रेलवे लाइन को भी सुरक्षित रखने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्य अभियंता ने बताया कि नदी की धारा में अचानक बदलाव से परेशानी बढ़ी है। जलस्तर में कमी आने की उम्मीद है, जिससे राहत मिलने की संभावना है।
