Published on December 15, 2021 10:29 pm by MaiBihar Media

तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर क्रैश दुर्घटना में गंभीर रूप से झुलसे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का आज यानी बुधवार सुबह बेंगलुरु के सैन्य अस्पताल में निधन हो गया। आठ दिसंबर को हुए हादसे में केवल वरुण ही जीवित बचे थे। करीब 90 फीसदी झुलस चुके ग्रुप कैप्टन वरुण को पहले वेलिंग्टन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बेंगलुरु के कमांड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज चल रहा था। लेकिन आज दुनिया को अलविदा कह दिया। बता दें कि वायुसेना ने बुधवार को उनके निधन की जानकारी दी।

ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा, बेटी और रिटायर कर्नल पिता हैं। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी वरुण सिंह का परिवार भोपाल में रह रहा है। वरुण सिंह के एक सैन्य परिवार से थे। उनका परिवार से नल, जल और थल तीनों सेनाओं में रहा है।

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इनता ही नहीं ग्रुप कैप्टन वरुण को विपरीत स्थितियों में जान की परवाह न करते हुए तेजस विमान को सुरक्षित उतारने के लिए अगस्त में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। एक समय ऐसा भी आया जब वह एयरक्राफ्ट से इजेक्ट होने की सोचने लगे लेकिन सूझबूझ का परिचय देते हुए उन्होंने हिम्मत से सामना किया और विमान सुरक्षित बचाकर करोड़ रुपए की बचत की थी।

मालूम हो कि सीडीएस बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 13 अन्य सैन्य अधिकारियों, कर्मियों की जान चली गई थी।वेलिंग्टन डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में इंस्ट्रक्टर के रूप में तैनात ग्रुप कैप्टन वरुण ने सीडीएस रावत की कॉलेज की यात्रा के लिए सुलुर एयरबेस पर उनकी अगवानी की थी और उनके साथ हेलीकॉप्टर पर सवार हुए थे। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति व गृहमंत्री और रक्षा मंत्री समेत पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित किया है।

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