क्रूज ड्रग मामले में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन मामले में आज नवाब मलिक बड़ा खुलासा करने वाले हैं। उन्होंने कल देर शाम कहा था कि इस मामले में आर्यन के साथ गिरफ्तार दो अन्य लोगों को एनसीबी ने छोड़ दिया है, जो भाजपा नेता के रिश्तेदार हैं।

गौरतलब हो कि शुक्रवार को आर्यन के जमानत याचिका को कोर्ट ने खारीज कर दिया था। साथ ही उनकी और दो अन्य आरोपियों की याचिका मुंबई के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट आरएम निरलेकर ने जमानत नहीं दी। इसके बाद उन्हें आर्थर रोड जेल ले जाया गया है। जहां उन्हें तीन से पांच दिनों तक पहले जेल के क्वारेंटिन सेल में रखा जाएगा। हालांकि उन सभी की कोरोना टेस्ट कराई गई है, सभी की रिपोर्ट निगेटीव आई है।

आज मंत्री मलिक करेंगे बड़ा खुलासा

यह भी पढ़ें   17 सितंबर को सर्वार्थ सिद्धि योग में होगी विश्वकर्मा पूजा, सुबह छह बजकर 7 मिनट से शुभ मुहूर्त

इधर मामले में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) शुक्रवार को भी क्रूज ड्रग मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर हमला किया। उन्होंने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अधिकारियों ने रेव पार्टी वाले क्रूज से आठ नहीं बल्कि 10 लोगों को पकड़ा था। लेकिन दो लोगों को छोड़ दिया गया। इनमें एक भाजपा के बड़े नेता का साला भी था। इस नेता का नाम शनिवार को बताएंगे।

कांग्रेस ने आर्यन को पकड़वाने वाले का अपराधिक रिकॉर्ड किया उजागर  

वहीं, कांग्रेस ने क्रूज ड्रग मामले में आर्यन खान को पकड़वाने में मदद करने वाले किरण गोसावी का आपराधिक रिकॉर्ड उजागर किया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सचिन सावंत ने बताया कि एनसीबी का गवाह बन चुका किरण पुणे में दर्ज एक मामले में तीन साल से वॉन्टेड है। उसके खिलाफ ठाणे के कापुरबावडी थाने में दो, मुंबई के अंधेरी और पुणे के फरासखाना थानों में एक-एक केस दर्ज है।

यह भी पढ़ें   चिराग का दावा, बिहार में मध्यावधि चुनाव तय

आर्यन और एएसजी में हुई तीखी नोकझोंक

आपको बता दें कि आर्यन समेत अन्य गिरफ्तार आरोपितों की सुनवाई करने के दौरान अदालत में अतिरिक्त महाधिवक्ता (एएसजी) अनिल सिंह का कहना था कि इस मामले में एनडीपीएस की धाराएं लगाई गईं हैं। इसलिए अतिरिक्त मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट को जमानत देने का अधिकार नहीं है। अभियुक्तों को नारकोटिक्स ड्रग्स एंड सबस्टेंसेंज (एनडीपीएस) कोर्ट से जमानत मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘ये लोग कितने प्रभावशाली हैं, इसका विचार किया जाना चाहिए। सबूतों के साथ छेड़छाड़ होने की संभावना है। आर्यन का केस कोई अलग नहीं है। उसे जमानत मिलने पर जांच में बाधा आ सकती है।’ वहीं, आर्यन के वकील सतीश मानेशिंदे ने कहा कि इस कोर्ट को जमानत याचिका पर सुनवाई का अधिकार है। उन्होंने आर्यन की ओर से दलील दी, ‘मेरे माता-पिता और पूरा परिवार यहां है। मेरे पास भारतीय पासपोर्ट है। मैं भागने वाला नहीं हूं। सबूतों के साथ छेड़छाड़ का तो सवाल ही नहीं उठता। मुझे जमानत दी जानी चाहिए।’ लेकिन ये दलीलें दलील अदालत ने मानी नहीं।

यह भी पढ़ें   उपचुनाव में तेज-तेजस्वी होंगे आमने-सामने, तेजप्रताप ने कांग्रेस को दिया समर्थन
close

Hello 👋
Sign up here to receive regular updates from MaiBihar.Com

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.