Published on August 24, 2021 4:11 pm by MaiBihar Media

देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर कमजोर पड़ चुकी है लेकिन इस बीच डेल्टा प्लस वेरिएंट का खतरा मडराने लगा है। डेल्टा प्लस वेरिएंट की संख्या देश में लगातार बढ़ते जा रही है। अब तक देशभर में डेल्टा प्लस वेरिएंट के करीब 51 मामले सामने आ चुके है। लेकिन इस वेरिएंट के बारे में जानकारी नहीं होने के कारण देशभर में संक्रण फैलने का खतरा बना हुआ है। वहीं, एक बार फिर से राज्य सरकार कड़ी प्रतिबंधात्मक कदम उठाने को मजबूर हो गई है। देश के विभिन्न राज्य में डेल्टा प्लस वेरिएंट को लेकर अलग-अलग कदम उठाए जा रहे है।

देश में मिले 51 डेल्टा प्लस वेरिएंट मामले में सबसे ज्यादा अभी तक महाराष्ट्र से 22 मामले मिले है। जबकि मध्य प्रदेश में दो, महाराष्ट्र व तमिलनाडु में एक-एक की मौत भी हो चुकी है। तमिलनाजु में नौ, मध्य प्रदेश में सात, केरल में तीन, पंजाब एवं गुजरात में दो और आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, हरियाणा, ओडिशा, राजस्थान तथा जम्मू-कश्मीर में एक-एक मरीज पाए गए हैं। डेल्टा प्लस की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार अर्ल्ट मोड में है। इसको लेकर केंद्र ने करीब आठ राज्यों को पत्र लिखा और सतर्कता बरतने के साथ डेल्टा प्लस वाले जिलों में कंटेनमेंट के उपाय करने, जांच की संख्या बढ़ाने जैसे कई एहतियातन कदम उठाने का सुझाव दिया है।

यह भी पढ़ें   केंद्र सरकार का दावा ऑक्सीजन की किल्लत से नहीं हुई किसी की मौत, अब हो रही किरकिरी

आपको बता दें कि डेल्टा पल्स वेरिएंट वायरस की चपेट में आने वालों में गंभीर रुप से खांसी, जुकाम और सर्दी देखने को मिली है। इसमें सिर दर्द, गले में खराश, नाक बहने जैसे आम लक्ष्ण देखने को मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो डेल्टा प्लस वेरिएंट के लक्ष्ण काफी घातक है, जो फेफड़े को नुकसान पहुंचा सकता है। साथ ही इम्युनिटी को कमजोर कर सकता है।

close

Hello 👋
Sign up here to receive regular updates from MaiBihar.Com

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.