pic credit - google

Published on November 7, 2021 1:55 pm by MaiBihar Media

लोक आस्था के महापर्व छठ की शुरुआत नहाय-खाय के साथ कल यानि सोमवार को हो जाएगी। प्रशासन की ओर से तैयारियों को लेकर कहा जा रहा है कि नदी, घाटों और तालाबों की सफाई अंतिम चरण में है। शहर में इस बार 34 जगहों पर पूजा होगी। शहरी घाटों को तैयार करने में नगर परिषद द्वारा रोजाना 150 मजदूरों की टीम लगाई जा रही है। चलिए विस्तार से जानते हैं कि प्रशासन की तैयारी और आखिर छठ पूजा को लेकर कब क्या है मुहूर्त तथा क्या होती है पूजा कि समाग्री……

 छठ पर्व की तारीख
08 नवंबर : सोमवार, नहाय-खाय
09 नवंबर : मंगलवार, खरना
10 नवंबर : बुधवार, डूबते सूर्य का अर्घ्य
11 नवंबर : गुरुवार, उगते सूर्य का अर्घ्य

यह भी पढ़ें   चिराग ने अष्टमी पूजा पर किया हवन, कन्या पूजा कर साझा की फोटो

अर्घ्य देने का मुहूर्त
सूर्यास्त का समय : 10 नवंबर, 05:30
सूर्योदय का समय : 11 नवंबर, 06:40

छठ पूजा में प्रयोग होने वाली सामग्री
दौरी या डलिया, सूप, नींबू, नारियल, पान का पत्ता, गन्ना, शहद, सुपारी, सिंदूर, कपूर, शुद्ध घी, कुमकुम, शकरकंद, हल्दी व अदरक का पौधा, नाशपाती व अन्य फल, अक्षत, खजूर-ठेकुआ, चन्दन, मिठाई आदि का उपयोग छठ महापर्व के दौरान किया जाता है। 

आपको बता दें कि छठ व्रतियों को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो इसके लिए निजी नावों पर रोक रहेगी। छठ के दिन गंडक नदी व जिले की अन्य प्रमुख नदियों में नावों के परिचाालन पर रोक रहेगी। डीएम ने जारी आदेश में कहा है कि व्रत के दौरान तीन दिनों तक निजी नावों का परिचालन नहीं होगा। इस पर निगरानी के लिए चौकीदार रखने को कहा है। साथ ही छठ घाटों पर जरुरत के अनुसार चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल टीम की मैनाती की जागी। मेडिकल टीम फर्स्ट एड व एंबुलेंस से लैस रहेगी। वहीं, संभावित घटना के मद्देनजर खतरनाक घाटों पर प्रशिक्षित गोताखोर नाव के साथ रहेंगे। शहर में 7 खतरनाक घाट चिन्हित किए गए हैं। सभी घाटों पर 2-2 गोताखोर मौजूद रहेंगे। ताकि किसी अनहोनी से बचा जा सके।

यह भी पढ़ें   बेगुसराय में पहली बार शुरू हुई वाराणसी के आचार्यों द्वारा महाआरती, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
close

Hello 👋
Sign up here to receive regular updates from MaiBihar.Com

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.