Published on October 10, 2021 5:58 pm by MaiBihar Media
नवरात्र पर विशेष- बेगुसराय स्थित बखरी के सिद्ध पीठ के रूप में विख्यात पुरानी दुर्गा मंदिर में भक्तिभाव का विहंगम नजारा देखने को मिला। दरअसल, मां दुर्गा की आयोजित महाआरती वाराणसी के अस्सी घाट से आए आचार्यों द्वारा किया गया। जिसे देखने के लिए भारी संख्या में भक्तजन शामिल हुए। आरती के दौरान जय अंबे गौरी, शिव तांडव, मंत्रालाचरण, गंगा स्तुति, भजन के साथ-साथ कई तरह की प्रस्तुति की गई। जिससे श्रद्धालु झुम उठे।
नवरात्र के आरंभ से ही हो रही है आरती
जानकारी के लिए बताते चले कि वाराणसी के गंगोत्री सेवा संस्थान के आचार्यों द्वारा यह आरती की गई। यहां नवरात्र के आरंभ से ही मां दुर्गा की भव्य महाआरती की जा रही है। पुरानी मां दुर्गा के मंदिर पर पहली बार इस तरह की आरती की शुरुआत हुई है। लिहाजा, दर्शकों में भी खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
नवमी के दिन आरती का होगा समापन
पुराना दुर्गा मंदिर शक्तिपीठ के अध्यक्ष ने बताया कि इसबार मां दुर्गा के मंदिर में वैदिक विधि-विधान से पूजा अर्चना के साथ-साथ आरती की व्यवस्था की गई है। यहां दुर्गा महाआरती की शुरुआत पहली बार की गई है, जो पूरे नवरात्र भर चलेगी। नवमी के दिन इसका समापन किया जाएगा। संध्या 6:30 बजे से लेकर 8:00 बजे तक आरती का समय निर्धारित किया गया है।
आरती से शुद्ध होता है वातावरण
वहीं, महाआरती कर भक्तीमय दृश्य उत्पन्न करने वाले गंगोत्री सेवा संस्थान वाराणसी के आचार्य ने बताया कि हिंदू धर्म में आरती का बहुत बड़ा महत्व है। इसका धार्मिक दृष्टिकोण के साथ-साथ वैज्ञानिक महत्व भी है। उन्होंने बताया कि धूपम की खुशबू से वातावरण शुद्ध होता है। घी की बत्ती जलने से आदमी के मन की शांति मिलती है। लोग बुद्धि के प्रकाश के लिए घी का बत्ती जलाते हैं।
