Published on August 23, 2021 2:30 pm by MaiBihar Media
जातिगत जनगणना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमारी पूरी बात सुनी। सबने जातिगत जनगणना के पक्ष में एक-एक बात कही है। उन्होंने हमारी बात को नकारा नहीं है, हमने कहा है कि इस पर विचार करके आप निर्णय लें। वहीं, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमारी बात गंभीरता से सुनी है, अब हम लोगों को उनके निर्णय का इंतज़ार है।
आगे तेजस्वी यादव ने कहा कि पेड़-पौधों की गिनती होती है, जानवरों की गिनती होती है तो इंसानों की क्यों नहीं। सरकार के पास स्पष्ट आंकड़ा नहीं है, किस समाज के कितने लोग हैं, इसकी जानकारी नहीं है। आंकड़ों के आधार पर ही किसी भी काम को किया जाएगा। पहली बार किसी राज्य के सभी पार्टियों ने मिलकर विधानसभा में पारित किया कि जातीय जनगणना होगी। इस मसले पर जीतन राम मांझी ने कहा, हमने प्रधानमंत्री से कहा कि हर हालत में जातिगत जनगणना कराएं, ये ऐतिहासिक निर्णय होगा। उन्होंने बहुत गंभीरता से हमारी बात सुनी है इसलिए हमें लगता है कि जल्दी ही कोई निर्णय होगा।
आपको बता दें कि पहले भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जातिगत जनगणना होनी चाहिए। हम इसके पक्ष में हैं। इसी पर हमलोग अपनी बात रखेंगे। जातीय जनगणना काफी लाभदायक है। इसके बहुत सारे फायदे हैं। सबकी इच्छा है। सभी राज्यों में लोग चाहते हैं। हमारी इच्छा है कि एक बार तो जातीय जनगणना अवश्य हो। सबसे विकास के लिए यह बेहद आवश्यक है। अब यह केन्द्र सरकार के ऊपर निर्भर है कि वो क्या निर्णय लेती है। पहले से ही हम इसकी चर्चा करते रहे हैं। सभी दल के लोगों ने इस पर सहमति भी जताई है।