Published on September 23, 2021 8:24 am by MaiBihar Media

कई जिलों में यूरिया खाद की किल्लत और कालेबाजारी से किसानों में हाहाकार मचा है। इसे विभागिय लापरवाही कहें आप या किसानों के साथ मजाक। पिछले कुछ महिने पहले प्रखंड के हर गांव में किसानों को नई- नई जानकारियां दी जा रही थी। खेती के कई गुर भी सिखाए गए थे पर सब का सब धरा ही रह गया। मौजूदा समय में धान की खेतों में यूरिया का छिड़काव करना आवश्यक है। इसके बाद भी यूरिया खाद बाजार से गायब है।

ऊंचे दामों पर खाद की हो रही है खरीदारी

खुले बाजार के बजाय किसानों कालेबाजारी में अधिक मूल्य देकर खाद खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए भी इस दुकान से उस दुकानदार के पास चिरौरी करनी पड़ रही है। यूरिया खाद के लिए किसान लगातार स्टेट हाइवे को जाम और प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद कृषि विभाग पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद उपलब्ध कराने में विफल साबित हो रहा है।

पीरो के बिहिया रोड को किसानों ने किया था जाम

यह भी पढ़ें   नींबू के विवाद में सास व ननद ने मिलकर बहू की गर्दन में रस्सी बांधकर घसीटा, मौत

पीरो के बिहिया रोड में अशोक सिनेमा के पास किसानों ने करीब 2 घंटे तक पीरो-बिहटा स्टेट हाइवे को जाम कर आवागमन को बाधित किया। पीरो थाना की पुलिस जाम हटाने पहुंची, लेकिन किसानों के आगे वेबस साबित हुई।

दुकानों से खाद गायब, मायूस हो रहे हैं किसान

बुधवार को पीरों के किसी दुकान पर खाद नहीं था। किसानों का कहना था कि खेतों में खाद को डालने की मजबूरी हैं। यहां जब खाद के लिए प्रखंड मुख्यालय पहुंच रहे तो पता चल रहा खाद नहीं हैं। जब किसानों की भीड़ अपने घरों को लौट जा रही तो ऐसे दुकानदारों द्वारा उसे कालाबाजारी की जा रहा है। यहां कई खाद की एजेंसी भी है लेकिन दुकान बंद करके फरार रहते हैं। ऐसे में किसान परेशान हो गए हैं।

एजेंसी बंद होने पर आक्रोशित हुए लोग

खाद लेने के लिए किसान प्रखंड मुख्यालय पहुंचे तो बिहिया रोड में स्थित खाद की एजेंसी बंद थी जिससे किसान आक्रोशित हो उठे और स्टेट हाइवे पर उतर गए। जिससे जाम स्थल के करीब एक किलोमीटर की परिधि में वाहनों की कतार लग गयी।

यह भी पढ़ें   बेहतर आमदनी के लिए किसान धान-गेहूं की जगह खेतों में लगाएं पपीता, जानिए कैसे करें इसकी खेती

खाद के लिए लगातार हो रहा स्टेट हाइवे जाम

खाद के लिए लगातार किसान स्टेट हाइवे को जाम कर रहे हैं। सोमवार को बिहिया रोड में करीब 45 मीनट तक किसान हाइवे पर रहे। मंगलवार को भी यही हाल रहा। दोनों दिन बाद में जब खाद मिलने लगी तो जाम समाप्त हो गया था। बुधवार को किसानों को जब पता चला की किसी भी दुकान पर खाद उपलब्ध नहीं है तो 2 घंटे तक आवागमन को बाधित रखा।

किसानों ने कहा- जमकर हो रही है कालाबजारी

किसानों का कहना है कि जितनी मात्रा में यहां खाद पहुंची है उसका सही ढंग से वितरण हो जाता तो सभी के खेत लहलहा उठते। यहां खाद की कालाबजारी की जा रही है। सरकारी दर पर कुछ खाद की बिक्री कर शेष खाद को कालाबजारी के हवाले कर दिया जा रहा है। बाद में यहां 320 रुपए से लेकर 350 रुपए तक खाद दिया जा रहा है।

यह भी पढ़ें   चुनाव के दिन प्रत्याशियों पर गुप्त रूप से रखी जाएगी नजर, आयोग ने दी आब्जर्वरों को खास नसीहत

पीरों में एक सप्ताह में आया 582 मीट्रिक टन यूरिया

पीरो में विभाग द्वारा एक सप्ताह के अंदर 12933 बैग यूरिया उपलब्ध कराया गया। जिसमें 203 मीट्रिक टन कोरोडीन और 279 एमटी आरसीएफ सहित 582 एमटी खाद शामिल है। इतनी मात्रा आने के बाद भी किसानों की आवश्यक्ता की पूर्ति नहीं हुई है।

तीन दिनों में उपलब्ध होगा खाद, बरतें संयम

नोडल कृषि समन्वयक ने कहा कि यहां अगले तीन दिनों में 630 एमटी यूरिया आने का अनुमान है। गुरुवार को पीरो में 90 एमटी शक्तिमान ग्रेसिंग, 65 एमटी आईपीएल, 35 एमटी चांद छाप और 190 एमटी इफको खाद पहुंच रहा है। इसके अलावा 25 सितंबर को 250 एमटी खाद आएगा। किसान संयम बरतें।

close

Hello 👋
Sign up here to receive regular updates from MaiBihar.Com

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.