Published on September 1, 2021 10:46 pm by MaiBihar Media
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने भारत की अध्यक्षता में एक संकल्प पारित किया है। यह प्रस्ताव तालिबान को अफगानिस्तान में सरकार की तरह काम करने वाले व्यक्ति के रूप में मान्यता देता है। मिली जानकारी के मुताबिक प्रस्ताव में कहा गया कि अफगानिस्तान में तालिबान अस्थायी सरकार की तरह काम कर रहा है। ऐसे में उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके क्षेत्र का इस्तेमाल किसी देश को धमकाने या हमला करने या आतंकियों को पनाह देने के लिए न किया जाए।
आपको बता दें कि यह प्रस्ताव फ्रांस (France), ब्रिटेन (Britain) और अमेरिका (America) ने पेश किया था, जिसे भारत समेत 13 सदस्यों ने स्वीकार किया। हालांकि, स्थायी सदस्यों के बीच इसे लेकर मतभेद दिखे। चीन और रूस ने प्रस्ताव पर वीटो नहीं किया और उनकी अनुपस्थिति में यह पारित हो गया। चीन और रूस चाहते थे कि इसमें इस्लामिक स्टेट और वीगर ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट के साथ सभी समूहों को शामिल किया जाए।
वहीं, दोनों देशों ने आरोप लगाया कि अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के द्वारा प्रायोजित प्रस्ताव आनन-फानन में लाया गया। भारत के विदेश सचिव हर्ष शृंगला ने संयुक्त राष्ट्र (United Nations) के सत्र की अध्यक्षता की। इसके साथ ही मंगलवार को एक महीने के लिए मिली संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता का समय पूरा हो गया। बता दें कि साल 2010 में संयुक्त राष्ट्र ने तालिबान पर लगे प्रतिबंध हटा लिए थे। इसके साथ ही तालिबान नेताओं और अन्य को आतंकी निगरानी सूची से हटाने का आग्रह किया था।
वहीं, इधर कतर में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के उप-प्रमुख शेर मोहम्मद अब्बास स्टानिकजई ने कहा कि अफगानिस्तान में तीन दिन में नई सरकार की घोषणा कर दी जाएगी। नई सरकार में उन लोगों को शामिल नहीं किया जाएगा, जो पिछले 20 साल से सरकार में हैं। यह एक समावेशी सरकार होगी और के सभी का प्रतिनिधित्व करेगी। नई सरकार में पवित्र और शिक्षित लोग शामिल होंगे। सरकार में महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। इससे पहले तालिबान नेता अनस हक्कानी ने भी कहा था कि नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।