Published on August 8, 2021 6:07 pm by MaiBihar Media
बक्सर, बिहार
बक्सर में गंगा के बढ़ते जलस्तर में एक बार फिर तेजी आने के साथ ही बक्सर में खतरे के निशान को पार कर गई। उधर गंगा के बढ़ते दबाव के चलते गुरुवार से ही कर्मनाशा पूरे उफान पर है। कर्मनाशा के उफान पर आने से जहां ग्रामीण इलाके पूरी तरह जलमग्न हो गए, वहीं चौसा- मोहनीया पथ पर अखौरीपुर गोला स्थित पुलिया के समीप सड़क पर पानी चढ़ जाने से आवागमन ठप्प हो गया। हालांकि, अभी भी इक्का दुक्का वाहन खतरा मोल लेते हुए आवागमन कर रहे है।
मिली जानकारी के अनुसार चौसा मोहनिया मुख्य मार्ग पर आधी रात से पानी चढ़ना शुरू हुआ है। इसके कारण बक्सर से वाराणसी जाने का सरल मार्ग पूरी तरह ठप्प हो गया। इस बीच केंद्रीय जल आयोग के कनीय अभियंता नीलाम्बर शर्मा ने बताया कि रविवार सुबह सात बजे बक्सर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर अब आगे बढ़ रहा है। आधी रात के बाद एक सेंमी की रफ्तार हो गई थी, जबकि सुबह आठ बजे के बाद एक बार फिर रफ्तार बढ़कर तीन सेंमी प्रति घण्टे हो गई है। वहीं गाजीपुर बलिया हाईवे पर कठवा मोड़ पर मौजूद पुल पहले ही डूब गया है तथा गाजीपुर में कल शाम ही गंगा के खतरे का निशान पार कर जाने की सूचना है।
बाढ़ का पानी बनारपुर के दो वार्डों में घुसा
कर्मनाशा के जलस्तर बढ़ने से की अतिपिछड़ी बस्ती के पचासों घरो में बाढ़ का पानी घुस गया है, जिससे ग्रामीणों का जन जीवन पूरी तरह से अस्त- व्यस्त हो गया है। हालांकि, अभी भी लगातार पानी बढ़ने की तेज गति को देख ग्रामीण दहशत मे हैं। इस बार आई बाढ़ से गांव के अतिपिछड़ा बस्ती के रिहायसी इलाके घिर जाने से ग्रामीणों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है। वहीं बस्ती के 40 से 50 घरों मे बाढ़ का पानी समा गया है। इधर जलस्तर में तेजी को देखते हुए जिला प्रशासन राहत व बचाव की तैयारियों में जुट गया है।
बाढ़ में घिरे कई गांव
शनिवार की शाम तेजी से पानी बढ़ने के कारण क्षेत्र के कई गांव बाढ़ से घिर गए है। इनमें अखौरीपुर गोला, बनारपुर के अलावा सिकरौल, जलीलपुर रोहिणीभान, डिहरी गांव के अलावा सिमरी, चक्की और ब्रह्मपुर प्रखंड के दर्जनों गांव शामिल हैं। हालांकि, बनारपुर के अलावा अन्य गांवों के घरों में अभी पानी प्रवेश करने की सूचना नहीं है।
