Published on August 24, 2021 4:14 pm by MaiBihar Media

देश

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सांसद महुआ मोइत्रा के एक विवादित बयान को लेकर बिहार के सियासत गरमा गई है। बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी की सांसद महुआ मोइत्रा पर एक बार नहीं, दो बार नहीं बल्कि तीन-तीन बार ‘बिहारी गुंडा’ कहने का आरोप लगाया है। इस सनसनीखेज आरोप की जानकारी भाजपा सांसद ने खुद दी है। जिसके बाद बिहार के सियासी गलियारों में बयानबाजी के दौर जारी है। एक तरफ जहां जदयू और कांग्रेस ने कार्रवाई की मांग की है। वहीं, मांझी ने राजद का नाम लेकर और भी विवाद को गहरा दिया है। राजद नेता व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने बिहारी गुंडा शब्द पर आपत्ति जताई है और कहा है, यह गलत है ऐसी बयान नहीं देना चाहिए। हालांकि, आरोप से घिरी सांसद महुआ मोइत्रा ने सफाई भी दी हैं। 

गौरतलब हो कि भाजपा सांसद ने कल देर शाम दो ट्वीट किया और यह बताया कि  लोकसभा स्पीकर जी अपने 13 साल के संसदीय जीवन में पहली बार गाली सुना, तृणमूल कॉंग्रेस की सदस्य महुआ मोइत्रा द्वारा बिहारी गुंडा आईटी कमिटि के मीटिंग में तीन बार बोला गया। ओम बिड़ला जी, शशि थरूर जी ने इस संसदीय परम्परा को ख़त्म करने की सुपारी ले रखी है। 

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वहीं, दूसरे ट्वीट में भाजपा सांसद निशिकांत ने कहा कि “तृणमूल ने बिहारी गुंडा शब्द का प्रयोग कर बिहार के साथ-साथ पूरे हिन्दी भाषी लोगों को गाली दी है। ममता बनर्जी जी, आप के सांसद महुआ मोइत्रा की इस गाली ने उत्तर भारतीय व ख़ासकर हिंदी भाषी लोगों के प्रति आपके पार्टी के नफ़रत को देश के सामने लाया है।”

वहीं, इस आरोप के बाद टीएमसी सांसद ने अपने सफाई में ट्वीटर पर लिखा है कि “नेम कॉलिंग के आरोपों पर मुझे थोड़ी हंसी आ रही है। आईटी की मीटिंग हुई ही नहीं क्योंकि सदस्यों का कोरम ही पूरा नहीं हुआ। मैं कैसे किसी को कोई नाम दे सकती हूं। जब वह वहां मौजूद ही नहीं थे। अटेंडेंस शीट चेक कीजिए”

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मालूम हो कि ट्वीटर के इस बहस में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हम अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने राजद को लपेटे में लिया है और तंज कसते हुए ट्वीटर पर लिखा है कि “ममता जी बिहार में जब आपके सहयोगी ”राजद” की सरकार थी तो सत्ता संरक्षित गुंडागर्दी के कारण बिहारियों को “बिहारी गुंडा” जैसे शब्दों का सामना करना पडता था। आज बिहार में नीतीश जी के सुशासन की सरकार है,और बिहारी शब्द सम्मान का शब्द है। वैसे आपको बंगाल की गुंडागर्दी मुबारक। ” जबकि टीएमसी सांसद विवादित बयान पर तेजस्वी ने कहा, ‘यह गलत है ऐसा बयान नहीं देना चाहिए,

बिहारी गुंडा कहे जाने के आरोप को लेकर जदयू के एमएलसी और बिहार के पूर्व मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि “जिस भाषा का प्रयोग हमारे सांसद ने किया है, वह भाषा ही गुंडई है। ऐसे भाषा के लम्पटीकरण पर कार्रवाई होनी चाहिए। बिहार चाणक्य और आर्यभट्ट की धरती रही है, यहां ज्ञान की बात होती है ना की गुंडई की। ऐसे बयानों के लिए सांसद को माफी मांगनी चाहिए। अन्यथा कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।”

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वहीं, कांग्रेस के एमएलसी प्रेमचंद्र मिश्रा ने इसे बिहार के साथ पूरे हिंदी भाषी प्रदेशों का अपमान बताया है। प्रेमचंद्र ने कहा है कि ऐसे मामलों में किसी एक दल को नहीं बल्कि बिहार के सबी दलों को एक साथ मिलकर विरोध दर्ज कराना चाहिए। मिश्रा ने आगे नीतीश कुमार से मांग करते हुए कहा है कि नीतीश कुमार बैठक कर सभी दलों को एक साथ लें और एक कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराएं। ऐसे बयानों को बिहार का कोई भी बिहारी बर्दाश्त नहीं करेगा। बता दें कि राजद नेता इसपर टीएमसी सांसद का बचाव कर रहे हैं।

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