Published on August 24, 2021 4:14 pm by MaiBihar Media

झारखंड में गठबंधन की सरकार गिराने और साजिश रचने के खिलाफ रांची के एक होटल से तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिसके बाद मामले में राज्य के अंदर सियासी बवाल जारी है। इस बीच झारखंड के एक कांग्रेस विधायक ने दावा किया है कि तीन अज्ञात लोगों ने उनसे कई बार संपर्क किया और झामुमो-कांग्रेस-राजद सरकार को गिराने के लिए एक करोड़ रुपये और मंत्री पद की पेशकश की। बता दें कि इस बाबत कांग्रेस के बेरमो विधायक कुमार जयमंगल की शिकायत पर रांची के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है। 

मिली जानकारी के मुताबिक अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस को कांग्रेस के कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगारी ने बताया है कि “उनसे करीब आधा दर्जन बार तीन लोगों ने संपर्क किया और करोड़ों रुपये देकर सरकार गिराने की पेशकश की। उन्होंने आगे बताया है कि तीन लोग जो मुझ से मिलने आए, वो मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं के माध्यम से मुझसे संपर्क किये थे। तीनों लोगों ने बताया था कि वे कुछ कंपनियों के लिए काम करते हैं। मेरे मना करने के बावजूद भी वे नहीं माने। एक बार, उन्होंने मुझे 1 करोड़ रुपये से अधिक नकद की पेशकश की। मैंने तुरंत सीएलपी (कांग्रेस विधायक दल) के नेता आलमगीर आलम और कांग्रेस झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह को सूचित किया। मैंने इसके बारे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को भी जानकारी दी थी।”

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तीन अज्ञातों के संपर्क करने पर आरपीएन सिंह ने कहा कि मैं इन मामलों पर प्रेस के साथ चर्चा नहीं कर सकता। इस मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अबतक चुप्पी साध रखी है। कोंगारी ने आगे दावा किया, उन्होंने मुझसे यह कहते हुए संपर्क किया था कि पैसे के अलावा, मुझे अल्पसंख्यक और आदिवासी मामलों से संबंधित एक मंत्री पद और समर्थन मिलेगा। उन्होंने मुझे यह भी बताया कि वे बीजेपी के लिए ऐसा कर रहे हैं। हालांकि, बीजेपी के किसी भी कार्यकर्ता ने मुझसे संपर्क नहीं किया। विधायक ने कहा कि वह इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि गिरफ्तार किए गए तीन लोग वही लोग थे। जिन्होंने उनसे संपर्क किया था। उन्होंने कहा कि उनके चेहरे याद नहीं है। 

उन्होंने बताया कि संपर्क करने पर, आरपीएन सिंह ने कहा, “मैं इन मामलों पर प्रेस के साथ चर्चा नहीं कर सकता.” इस मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री सोरेन ने अब तक चुप्पी साध रखी है. कोंगारी ने आगे दावा किया, “उन्होंने मुझसे यह कहते हुए संपर्क किया था कि पैसे के अलावा, मुझे अल्पसंख्यक और आदिवासी मामलों से संबंधित एक मंत्री पद और समर्थन मिलेगा. उन्होंने मुझे यह भी बताया कि वे बीजेपी के लिए ऐसा कर रहे हैं. हालांकि, बीजेपी के किसी भी कार्यकर्ता ने मुझसे संपर्क नहीं किया.विधायक ने कहा कि वह इस बात की पुष्टि नहीं कर सकते कि गिरफ्तार किए गए तीन लोग वही लोग थे जिन्होंने उनसे संपर्क किया था. उन्होंने कहा कि उनके चेहरे याद नहीं है.

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बता दें कि इस बाबत कांग्रेस के बेरमो विधायक कुमार जयमंगल की शिकायत पर रांची के कोतवाली थाने में मामला दर्ज किया गया था। जिसके दो दिनों बाद शनिवार को अभिषेक दुबे, अमित सिंह और निवारण प्रसाद महतो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों ने कई खुलासे किए हैं और पूछताछ में बताया है कि साजिश में झारखंड़ के तीन विधायक, दो पत्रकार व बिचौलिए शामिल थे। दिल्ली में तीनों विधायकों से लेनदेन की डील भी हुई थी। एक करोड़ एडवांस का वादा भी किया गया था। गिरफ्तार आरोपी निवारन प्रसाद महतो के तार बीजेपी नेताओं से जुड़ रहे हैं। खबर है कि निवारन महतो के फेसबुक पेज पर बीजेपी के धनबाद के सांसद पशुपति नाथ और कुछ स्थानीय नेताओं के साथ तस्वीरें है।

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