Published on August 24, 2021 4:11 pm by MaiBihar Media

लक जनशक्ति(लोजपा) में जारी उठापटक के बीच बड़ी खबर सामने आ रही है कि लोजपा अभी भी चिराग की है। दरअसल, चुनाव आयोग के विश्वसनीय सुत्रों के मुताबिक खबर है कि लोजपा यानी बंगला अभी भी चिराग का ही है। ऐसा तब है जब सांसद पशुपति पारस की तरफ से अपने आप को संसदीय दल का नेता घोषित कर दिया गया है। इसके लिए पारस पिछले दिनों लोक सभा अध्यक्ष से भी मिलकर ज्ञापन भी सौंप चुके है। ऐसे में इस तरह कि खबर निकल कर आना कही न कही यह बताता है कि बंगले की चिराग को पारस बुझा न सके और आज भी लोजपा के लिए सर्वेसर्वा चिराग है।

बंगले को बचाने में जुटे चिराग
बहरहाल, इस खबर में सच्चाई क्या है आने वाले वक्त में सामने आएगा। लेकिन अभी यही कहा जा सकता है कि मोदी के हनुमान बने चिराग अपने पार्टी को बचाने में लगे हुए है क्योंकि पार्टी के नेता सोमवार को गुजरात के अहमदाबाद पहुंचे। इस दौरान उनसे जब पूछा गया कि क्या वे भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता से मुलाकत करने आए हैं क्योंकि ऐसी अटकलें हैं? उन्होंने सिर्फ इनता ही कहा कि वे एक निजी दौरे पर अहमदाबाद आए हैं। हालांकि ऐसी अटकलें थी कि चिराग मोदी के विश्वस्त आदमी से मिलेंगे। वहीं, अहमदाबाद पहुंचने से पहले चिराग पासवान ने कहा था कि वे अपने पिता की जयंती यानी 5 जुलाई से बिहार में ‘आशीर्वाद यात्रा’ पर निकलेंगे।

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भाजपा व राजद की नजर
उधर, राजनीति में सबकुछ जायज है के तर्ज पर सभी पार्टियों की नजर लोजपा पर है। केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार पर चिराग के आशीर्वाद यात्रा ने ब्रेक लगा दिया है। सुत्रों का कहना है कि भाजपा चिराग के इस यात्रा के बाद अपना पत्ता खोलेगी कि वो किसके साथ है। पशुपति पारस के साथ या फिर चिराग के साथ। अपनी इसी रणनीति के कारण भाजपा ने 5 जुलाई तक केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार को भी कुछ दिनों के लिए टाल दिया है। वहीं, राजद ने भी रामविलास पासवान जी के जयंती को मनाने की घोषणा कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बताया है कि पार्टी के स्थापना दिवस पर राजद कार्यालय में पासवान जी की जयंती मानाई जाएगी।

आपको बता दें कि कुछ दिनों से चिराग पासवान और चाचा पशुपति कुमार पारस के बीच में पार्टी अध्यक्ष पद को लेकर रार बढ़ गई है। कोरोना के बीच गायब चिराग पासवान को पार्टी से दरकिनार करते हुए उनके चाचा ने लोजपा सांसदों को तोड़ कर अपने पाल में कर लिया। इतना ही नहीं चाचा पशुपति कुमार पारस ने चिराग को पार्टी अध्यक्ष पद से बेदखल करते हुए राष्ट्रीय कार्यकरिणी का गठन कर खुद को अध्यक्ष भी घोषित कर चुके है। वहीं, चिराग पासवान इसे पार्टी व परिवार के साथ धोखा बता रहे हैं और पार्टी के पांच असंतुष्ट सांसदों को निष्कासित कर चुके है।

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