राजभवन में गुरुवार को राज्यपाल फागू चौहान ( Phagu Chauhan) की अध्यक्षता में जेपी विश्वविद्यालय (JP University) को लेकर बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि जेपी एवं लोहिया के विचारों को निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर फिर से पाठ्यक्रम में फिर से शामिल किया जाएगा। स्पष्ट है, लोकनायक जयप्रकाश नारायण (Jayprakash Narayan) और समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया (Ram Manohar Lohia) के चिंतन, सिद्धांत और दर्शन स्नातकोत्तर के सिलेबस से नहीं हटेंगे। बता दें पिछले दिनों लोकनायक जय प्रकाश नारायण एवं डा॰ राम मनोहर लोहिया के विचारों को राजनीति विज्ञान के स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम से बाहर किए जाने पर सरकार ने आपत्ति जताई थी।

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जिसके बाद आज राज्यपाल के अध्यता में हुई बैठक में इस बाबत निर्णय लिया गया कि जेपी और लोहिया नहीं हटाये जाएंगे। साथ ही यह भी फैसला लिया गया कि अन्य पाठ्यक्रमों को भी उपयोगी और प्रासंगिक बनाने के लिए नियमानुसार राजभवन एवं राज्य उच्चतर शिक्षा पर्षद की सहमति से विभिन्न विश्वविद्यालयों द्वारा लागू किया जाएगा। बैठक के दौरान विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों द्वारा नैक ग्रेडिंग और प्राचार्य की नियुक्ति मामले पर भी चर्चा हुई। राज्यपाल इन मुद्दों पर समुचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

आपको बता दें 2018 से ही स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) लागू किया गया है। इस सिस्टम के तहत निर्धारित पाठ्यक्रम में स्थानीय विश्वविद्यालयों को 20 प्रतिशत तक पाठ्यक्रम में बदलाव का अधिकार दिया गया है। पिछले दिनों जेपी विवि में जेपी और लोहिया के विचारों को पाठ्यक्रम से हटाने के मामले ने तूल पकड़ा था।

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