स्पेशल विजिलेंस यूनिट( एसवीयू) द्वारा गिरफ्तार मगध विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर, लाइब्रेरी इंचार्ज व वीसी के पीए व असिस्टेंट को मंगलवार को विजिलेंस की विशेष अदालत ने जेल भेज दिया। एसवीयू ने सोमवार को पूछताछ के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया था। सभी पर मगध विश्वविद्वाय में भ्रष्टाचार में संलिप्तता का आरोप लगा है। इसी मामले की जांच एसवीयू कर रही है। पहली बार किसी जांच एजेंसी ने किसी विश्वविद्लाय के रजिस्ट्रार और प्रॉक्टर को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया है और फिर उन्हें जेल भेजा गया है। बता दें कि मंगलवार को गिरफ्तार सभी लोगों को मगध विश्वविद्यालय में कथित रूप से हुए करोड़ों रुपयों के सरकारी राशि का घोटाला के मामले में एसवीयू ने विशेष अदालत में पेश किया था।

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विशेष अदालत ने इन्हें न्यायिक हिरासत में लेते हुए जेल भेजने का आदेश दे दिया। स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने चारों अभियुक्तों को विशेष न्यायाधीश मनीष द्विवेदी की अदालत में पेश करते हुए न्यायिक हिरासत की मांग की थी। जिसके विरोध में अभियुक्तों की ओर से एक याचिका दाखिल कर कहा गया कि इन अभियुक्तों के खिलाफ इस मामले में कोई भी साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। इसलिए विशेष निगरानी इकाई की प्रार्थना को अस्वीकार किया जाए और उन्हें जेल भेजने का आदेश नहीं दिया जाए। याचिका पर अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चारों अभियुक्त प्रोफ़ेसर जयनंदन प्रसाद सिंह, प्रोफेसर विनोद कुमार सिंह , पुष्पेंद्र कुमार वर्मा और सुबोध कुमार को न्यायिक हिरासत में लेने के बाद चार जनवरी 2022 तक के लिए जेल भेजने का आदेश दिया।

एसवीयू की जांच में यह बात सामने आई है कि तत्कालीन वीसी के भ्रष्टाचार के खेल में रजिस्ट्रार, प्रॉक्टर, लाइब्रेरी के इंचार्ज व वीसी का पीए भी सहयोगी की भूमिका में काम कर रहे थे। पीए सुबोध पर आरोप है कि वह कुलपति डॉ.राजेन्द्र प्रसाद के खिलाफ बोलने वाले विश्वविद्लाय के अन्य अधिकारियों को धमकी भी देता था। एसवीयू ने सुबोध को पहले भी पूछताछ के लिए पटना बुलाया था लेकिन डॉक्टर से बेडरेस्ट का सर्टिफिकेट भेज कर सुबोध एसवीयू की पूछताछ से बचने की कोशिश कर रहा था। मालूम हो कि मगध विश्वविद्लाय के तत्कालीन कुलपति डॉ.राजेन्द्र प्रसाद पर उत्तर पुस्तिका खरीद व किताबों की खरीद में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। उनपर करीब 30 करोड़ रुपए की सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप है। इसके अलावा विश्वविद्यालय में प्राइवेट सिक्यूरिटी गार्ड की तैनाती में भी भारी भ्रष्टाचार के आरोप हैं।

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आय से अधिक संपत्ति के मामले में डॉ.राजेन्द्र प्रसाद के ठिकानों पर एसवीयू ने छापेमारी कर करोड़ों की चल-अचल संपत्ति का खुलासा किया था और उससे संबंधित दस्तावेज जब्त किए थे। कुलपति से जुड़े भ्रष्टाचार के प्रकारण में एसवीयू ने पहली बार विश्वविद्लाय के अधिकारियों व कर्मियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद इन्हें सूत्रों के अनुसार इस प्रकरण में कई और गिरफ्तारियां संभावित हैं।

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