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Published on November 7, 2021 1:40 pm by MaiBihar Media

मुंबई क्रूज ड्रग्स केस में एक गवाह विजय पगारे ने मुंबई पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम को बयान दिया है कि दो अक्टूबर को क्रूज पर की गई रेड प्री-प्लान्ड थी और शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को कुछ लोगों ने इसलिए फंसाया ताकि इससे मोटा पैसा बनाया जा सके। बयान चार नवंबर को दर्ज कराया गया। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो विजय पगारे ने पुलिस को बताया कि वह पिछले कुछ महीनों से सुनील पाटिल नाम के एक शख्स के साथ रह रहा था। 

सुनील पाटिल नामक शख्स की आर्यन केस में कब हुई एंट्री
सुनील पाटिल से कुछ रुपयों की उगाही करनी थी इसलिए उसने आर्यन खान केस को अपने सामने होते हुए देखा। इस केस से सुनील पाटिल का नाम शनिवार को जुड़ा शनिवार को जुड़ा जब महाराष्ट्र के भाजपा लीडर मोहित कंबोज ने कहा कि पाटिल इस केस का मास्टरमाइंड है और नेशनललिस्ट कांग्रेस पार्टी के नेताओं का करीबी है।

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गवाह कैसे जानता है सुनील पाटिल को
गवाह विजय पगारे ने बताया कि उसने 2018 में सुनील पाटिल को एक काम करने के लिए पैसे दिए थे, लेकिन उसने वह काम नहीं किया और पैसा भी नहीं लौटा रहा था, इसलिए पगारे ने सुनील का पीछा करना शुरू किया। अहमदाबाद, सूरत और मुंबई के ललित होटल और फॉर्च्यून होटलों में पगारे सुनील पाटिल के साथ था। पगारे सुनिल पाटिल के साथ 27 सितंबर को नवी मुंबई में फॉर्च्यून होटल में रुका था। इसी होटल में केपी गोसावी के नाम पर भी एक रूम बुक था। रेड से कुछ दिन पहले होटल में भाजपा कार्यकर्ता मनीष भानुशाली ने केपी गोसावी और सुनील पाटिल से मुलाकात की। 

भाजपा कार्यकर्ता ने कहा था कि हो गया बड़ा कार्य
होटल के कमरे में मनीष भानुशाली ने सुनील पाटिल को किस करते हुए कहा-बड़ा काम हो गया। अब हमें अहमदाबाद के लिए निकलना है, लेकिन पगारे को अपने साथ लेकर मत चलना। पगारे ने बातया कि इस समय उसे पता नहीं था कि किस बारे में बात हो रही है। तीन अक्टूबर को मनीष भानुसाली नवी मुंबई में अपने होटल रूम में लौटा और यहां उसने विजय पगारे से मुलाकात की। उसने पगारे को बताया कि वह अपना पैसा लेने आया है। इसके बाद दोनों एनसीबी ऑफिस गए।

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पगारे ने बताया कि रास्ते में भानुशाली ने फोन पर बात करते समय पूजा, सैम और मयूर का नाम लिया। भानुशाली ने यह भी कहा कि गोसावी का फोन बंद आ रहा है और इस बात की आशंका है कि वह पैसे लेकर फरार हो गया है।

पगारे ने बाताय कि उसे नहीं पता था कि उसे क्रूज रेड से मिलने थे पैसे
एनसीबी दफ्तर पहुंचने के बाद विजय पगारे ने देखा कि वहां मीडिया मौजूद है और आर्यन खान को हिरासत में लिया गया है। उसके बाद पगार ने क्रूज पार्टी में हुई रेड की खबर देखी और उसमें मनीष भानुशाली और केपी गोसावी को आर्यन और अरबाज को ले जाते देखा। इस वक्त उसे समझ आया कि रेड पहले से प्लान करके की गई थी। पगारे ने बताया कि उसने आर्यन के वकील सतीश मानशिंदे से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन मानशिंदे ने उसकी बात नहीं सुनी।

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वहीं, सुनील पाटिल ने पगारे को हिदायत दी थी कि उसके मामलों में दखल न दे। क्रूज रेड से पहले सुनिल पाटिल ने पगारे को बताया कि उसे एक काम करना है और वह जल्द ही पैसे लौटा देगा। पगारे ने कहा कि मुझे बाद में समझ आया कि पैसा इस रेड से आएगा।

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