लोजपा की आपसी कलह थोड़ी ठंडी ही हुई थी की एक बार फिर चुनाव आयोग ने परेशानी बढ़ा दी है। चुनाव आयोग ने चाचा पशुपतिनाथ पारस व भतीजे चिराग पासवान पर चुनाव चिह्न बंगला के इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। आयोग ने लोजपा के बंगला चुनाव चिह्न को फ्रीज कर दिया है।

जदयू के पक्ष में जोर-शोर से करेंगे चुनाव प्रचार-वहीं इस मामले को लेकर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पशुपति कुमार पारस ने कहा कि चिराग विधानसभा उपचुनाव में अपना उम्मीदवार उतारना चाहते हैं। जबतक कोर्ट से यह फैसला नहीं आ जाता तब तक लोजपा का चुनाव चिह्न किसी को आवंटित नहीं हो सकता है। चुनाव चिह्न को आवंटित न करने के लिए हमने ही आयोग से अनुरोध किया था। हमारे अनुरोध को स्वीकार किया है। हम जदयू के पक्ष में पूरे जोर-शोर से चुनाव प्रचार करेंगे।

चार अक्टूबर तक हर हाल में देना होगा नया नाम
आयोग ने चिराग पासवान व पशुपतिनाथ पारस को चार अक्टूबर को दोपहर 1 बजे तक पार्टी का नया नाम और सिंबल के बारे में सुझाव देने का आदेश निर्गत किया है। नये नाम और सिंबल को ही दोनों गुट अपने प्रत्याशियों को आवंटित करेंगे। वहीं दूसरी ओर पार्टी पर दावे को लेकर 5 नवंबर तक अपने समर्थन में पक्ष रखने और दस्तावेज पेश करने को कहा है।

यह भी पढ़ें   चीन के परमाणु क्षमता को लेकर पेंटागन ने किया बड़ा खुलासा, जानकर हैरान होंगे आप भी

आयोग ने कहा- नया नाम तय करेें दोनों नेता
आयोग ने कहा है कि नेता दोनों नेता लोजपा के चुनाव चिह्न का उपयोग नहीं कर सकते। दोनों गुट एक नए नाम और चुनाव चिह्न अपने उम्मीदवारों को आवंटित कर सकते हैं। पुराने नाम पर अब कोई चर्चा नहीं होगी।

चिराग पासवान ने आयोग में दी है चुनौती
बता दें की पशुपतिनाथ पारस लोकसभा में संसदीय दल का नेता घोषित होने के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी बुलाकर राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। तब उनके निर्वाचन को पार्टी संविधान के विरुद्ध करार देते हुए चिराग पासवान ने आयोग में चुनौती दी थी। चिराग ने आयोग से कहा था कि अगर किसी की तरफ से लोक जनशक्ति पार्टी पर दावा किया जाता है तो उसे खारिज किया जाए। अगर फैसला भी करना है तो पहले चिराग पासवान का पक्ष सुना जाए।

यह भी पढ़ें   फर्जी वोटर आईडी कार्ड बनाने के मामले में पुलिस ने की बड़ी कार्रवाई, तीन गिरफ्तार, दो की तलाश जारी
close

Hello 👋
Sign up here to receive regular updates from MaiBihar.Com

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.