Published on September 22, 2021 8:31 am by MaiBihar Media

पुलिस मेंस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष व सिपाही नरेन्द्र कुमार धीरज की करोड़ों की अवैध संपत्ति को लेकर छापेमारी की है। धीरज की संपत्ति आय से अधिक पाई गई है जो उनकी वैध कमाई से 544 प्रतिशत अधिक है। इस हिसाब से धीरज की वैध आमदनी करीब 1 करोड़ 74 लाख है। बिहार में पुलिस संगठन से जुड़े किसी पदधारक के खिलाफ यह पहली कार्रवाई है। मंगलवार को धीरज के पटना, आरा और अरवल स्थित नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। पटना में बेउर इलाके में महावीर कॉलोनी स्थित धीरज के आवास के अलावा भोजपुर के सहार थाना क्षेत्र के मुजफ्फरपुर गांव स्थित धीरज के पैतृक आवास पर भी छापेमारी हुई।

इसके अलावा अरवल में अरोमा होटल के सामने धीरज के भाई अशोक कुमार के मकान, आरा शहर के भेलाई रोड में कृष्णानगर स्थित उनके भाई सुरेन्द्र सिंह के एक चार मंजिला मकान और एक पांच मंजिला मकान, भेलाई रोड में ही उनके भाई विजेन्द्र कुमार विमल के पांच मंजिला मकान, आरा के नारायणपुर में उनके भाई श्याम बिहारी सिंह के मॉल सह आवासीय मकान, आरा के अनाईठ में धीरज के भतीजा धर्मेन्द्र कुमार के आशुतोष ट्रेडर्स नामक दुकान और उनके भाई सुरेन्द्र कुमार सिंह के आरा के नारायणपुर स्थित छड़-सीमेंट की दुकान पर छापेमारी की गई।

यह भी पढ़ें   प्रधानमंत्री के बिहार दौरा से पहले समस्तीपुर से एक युवक गिरफ्तार

सूचना पुष्ट मिले पर की गई कारवाई

पटना जिला बल के सिपाही धीरज के बारे में सूचना मिली थी कि उन्होंने अपने पद का भ्रष्ट दुरुपयोग कर स्वयं एवं अपने परिजनों के नाम पर करोड़ों की परिसंपत्तियां अर्जित की हैं। सूचना का सत्यापन किया गया और पुष्टि होने पर नरेन्द्र कुमार धीरज के अलावा उनके छह भाइयों सुरेन्द्र कुमार सिंह, शशि भूषण सिंह, श्याम बिहारी सिंह, वीरेन्द्र सिंह, विजेन्द्र कुमार विमल, अशोक कुमार और भतीजा धर्मेन्द्र कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।

1998 नालंदा जिला बल में हुई थी नियुक्ति

ईओयू के अनुसार धीरज की सिपाही के पद पर 13 मई 1988 को नालंदा जिला बल में नियुक्ति हुई थी। उनकी सेवा अवधि करीब 33 वर्ष 2 माह हुई है। ये सात भाई हैं। धीरज सामान्य कृषिक परिवार से आते हैं और सेवा में आने से पहले इनके पास करीब 3-4 बीछा पुश्तैनी जमीन होने की सूचना है। इनकी सेवा प्रारंभ होने के समय सभी भाई इनके ऊपर ही आश्रित थे। इनके संयुक्त परिवार में इनके अतिरिक्त कोई अन्य लोकसेवक या सरकारी सेवक नहीं है।

यह भी पढ़ें   आर्केस्ट्रा में फरमाईशी गीत बजाने के लेकर बाराती व सराती भीड़े, रणक्षेत्र बना शामियाना

धीरज और उनके परिजनों के नाम पर संपत्ति
ईओयू के अनुसार जांच में पटना के महावीर कॉलोनी में धीरज का दो मंजिला मकान है। भाई विजेन्द्र कुमार विमल के नाम से आरा के बाजार समिति के अनाईठ जगदेव नगर में चार आवासीय भूखंड एवं उदवंतनगर में 1 कृषि योग्य भूखंड है। भाई सुरेन्द्र सिंह के नाम से आरा के 10 विभिन्न स्थानों पर अवैध सम्पति है।

आय से अधिक 9.47 करोड़ की संपत्ति का खुलासा:
आर्थिक अपराध इकाई के अनुसार धीरज द्वारा अभी तक सेवा काल में आय के ज्ञात व वैध स्रोत से करीब 94766745 रुपए की अधिक परिसंपत्तियां अर्जित किए जाने के साक्ष्य मिले हैं, जो उनके वास्तविक आय से 544 प्रतिशत अधिक है। यानी धीरज की वास्तविक आमदनी करीब 1 करोड़ 74 लाख है। ईओयू के अनुसार धीरज द्वारा अन्य कई परिसंपत्तियां एवं वाहन की खरीद किए जाने की भी सूचना मिली है जिसका सत्यापन किया जा रहा है। इसकी जांच की जाएगी। ईओयू के अनुसार धीरज द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई कुल परिसंपत्तियों के मूल्य में और अधिक वृद्धि होने की संभावना है।

यह भी पढ़ें   बीपीएससी परीक्षा में प्रश्नपत्र का लीक होना सरकार की विफलता : तेजप्रताप
close

Hello 👋
Sign up here to receive regular updates from MaiBihar.Com

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.