Published on August 3, 2021 11:33 am by MaiBihar Media

विपक्ष पेगासस मामले को लेकर लगातार एकजुट है और सदन की कार्यवाही हो या सड़क पर प्रदर्शन, हर जगह एकजुट दिख रहा है। इस कड़ी में अब दिल्ली से कल पटना पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि लोगों को परेशान करने के लिए इस तरह की चीजें नहीं की जा सकतीं और इस मामले में सब बातों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जांच की मांग की है। निश्चित रूप से नीतीश कुमार के इस बयान से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ेंगी क्योंकि वह एनडीए के सहयोगी दल के पहले ऐसे नेता हैं, जिन्होंने इस मामले में न सिर्फ अपना ब्यान जारी किया बल्कि जांच की मांग की है। नीतीश कुमार ने आज कहा, “फोन टैपिंग मामले की जांच बिल्कुल होनी चाहिए। इस पर सदन में चर्चा होनी चाहिए ताकि जो भी सच्चाई है वह सामने आ जाए”

यह भी पढ़ें   पटना में तेजस्वी-रशेल का रिसेप्शन 14 जनवरी के बाद तय! मामा साधू यादव ने जतायी आपत्ति

वहीं, अब इस मामले में बिहार यूथ कांग्रेस के ट्वीटर हैंडल से नीतीश का एक वीडियो ट्वीट किया गया है और लिखा गया है कि “भाजपा के सहयोगी नीतीश कुमार भी अब पेगासस जासूसी कांड में जाँच की माँग कर रहे हैं। अब तो पेगासस की जाँच करा लीजिए प्रधानमंत्री जी। “

आपको बता दें कि पेगासस जासूसी मामले की जांच को लेकर अब बिहार एनडीए के अंदर से ही आवाज उठनी शुरू हो गई है। भाजपा सरकार के लिए यह मामला मुसीबत का सबब बन चुका है और तमाम विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को लेकर मोदी सरकार को घेर लिया है। संसद के मानसून सत्र में इस मुद्दे पर खासा हंगामा हो चुका है और संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जासूसी मामले की जांच कराने को पुरजोर ढंग से रखा है। इस बाबत कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी मुख्यमंत्री नीतीश का वीडियो शेयर कर मोदी सरकार पर तंज कसा है।

यह भी पढ़ें   हाजीपुर में सात माह की गर्भवती भतीजी के पेट में चाचा ने घोंपा हसिया, हालत गंभीर
close

Hello 👋
Sign up here to receive regular updates from MaiBihar.Com

We don’t spam! Read our privacy policy for more info.